शुक्रवार, 30 जून 2017

01 जुलाई से SBI के सभी सेवा शुल्कों में बढ़ोतरी

प्रिय SBI ग्राहकों,
जैसा कि आपको विदित है, भारत सरकार ने 01 जुलाई 2017 से पुरे देश में नई कर प्रणाली GST लागू करने का फैसला लिया है। GST लागू होने से SBI की समस्त सेवाएं भी प्रभावित होंगी। वर्तमान में सर्विस टैक्स की दर 15% है जो अब GST के रूप में  18% की  दर से ग्राहकों को दी गई सेवाओं पर लिया जायेगा। जिससे चेक बुक इश्यु, ड्राफ्ट इश्यु, NEFT,RTGS, एटीएम वार्षिक शुल्क, मिनिमम बैलेन्स शुल्क, लॉकर किराया और अन्य सेवाओं के प्रभार में  बढ़ोतरी हो जायेगी। GST की दर 18 % होने से यदि सेवा शुल्क 100/- है तो  01 जुलाई के पहले तक ग्राहक को ₹100 + ₹15 = ₹ 115 चुकाने होते थे पर अब बैंक ₹100 + ₹18 = ₹118 वसूलेगा।  अतः आप कोई सेवा का लाभ लेने के पूर्व बढ़ाये गए शुल्क को ध्यान में अवश्य रखें।

सोमवार, 26 जून 2017

SBI Bank Holidays July 2017

जुलाई 2017 के दौरान भारतीय स्टेट बैंक में विभिन्न राज्यों में किस-किस दिन अवकाश रहेगा, आईये जानते हैं-
1. दिनांक 01-07-2017 शनिवार - खर्ची पूजा.
इस दिन त्रिपुरा राज्य में अवकाश.

2. दिनांक 05-07-2017 बुधवार - गुरु गोविनदजी जन्मदिवस. इस दिन जम्मू-कश्मीर राज्य में अवकाश.

3.दिनांक 06-07-2017 गुरुवार - MHIP डे.
MHIP दिवस ( अशासकीय सामाजिक संस्था The Mizo Hmeichhe Insuilchawn Pawl Day )  के स्थापना दिवस पर मिज़ोरम में अवकाश.

4. दिनांक 08-07-2017 शनिवार -  माह का दूसरा शनिवार.
इस दिन पुरे देश की SBI शाखाओं में अवकाश रहेगा।

5. दिनांक 13-07-2017 गुरुवार - भानु जयन्ति.
इस दिन सिक्किम राज्य में अवकाश रहेगा।

6. दिनांक15-07-2017  शनिवार - केर पूजा.
इस दिन त्रिपुरा राज्य में अवकाश रहेगा।

7. दिनांक 17-07-2017 सोमवार - U Triot Singh Day. मेघालय में अवकाश। 17 जुलाई 1835 के दिन स्वतंत्रता सैनानी त्रियोत सिंह  शहीद हुए थे। उन्ही की याद में हर साल 17 जुलाई को U Triot Singh Day मनाया जाता है।

8. दिनांक 22-07-2017 शनिवार - चतुर्थ शनिवार.
माह का चौथा शनिवार होने से देश की SBI की समस्त शाखाओं में अवकाश रहेगा।
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रविवार, 25 जून 2017

बैंक लॉकर का सामान चोरी होने पर जिम्मेदार कौन ?

यदि बैंक में चोरी हो या आग लगने जैसी दुर्घटना हो जाए तो लॉकर में रखे सामान को नुकसान पहुँचने पर क्या बैंक को जिम्मेदार माना जा सकता है ?
 इसका उत्तर है - नहीं। लॉकर किराये पर लेने वाला व्यक्ति अपने लॉकर में रखे सामान का क्‍लेम नहीं मांग सकता। आइए जानते हैं बैंक लॉकर से जुड़ी कुछ अतिमहत्‍वपूर्ण बातें....
महिलाओं के गहने हों,नगद राशि हो या महत्वपूर्ण दस्तावेज।कीमती सामान की सुरक्षा के लिए लोग लॉकर को सबसे सुरक्षित विकल्प मानते हैं। लॉकर के एवज में बैंक सालाना किराया लेता है इसीलिए आमतौर पर ग्राहक यही सोचते हैं कि लॉकर लेते ही उनकी तमाम चिंताएं दूर हो गई। जबकि हकीकत कुछ और है। लॉकर में रखे सामान की क्षति होने पर बैंक की कोई जिम्‍मेदारी नहीं होती है। बैंक किराया लेकर अपने स्ट्रांग रूम में ग्राहक को स्थान देते हैं। ग्राहक इसमें क्या रख रहा है, इस बात की जानकारी बैंकों को नहीं होती है।

कैसे मिलता है लॉकर ?
अगर आप बैंक में लॉकर लेना चाहते हैं तो बैंक में बचत खाता होना आवश्यक है।इसके पश्चात बैंक और ग्राहक के बीच एग्रीमेंट के लिए ₹500/-के स्टैंप पेपर पर  ग्राहक को हस्ताक्षर करना होते हैं। कई बार बैंक ग्राहक से एफडी की भी मांग करते हैं।ताकि ग्राहक द्वारा वार्षिक किराया न भरने की दशा में एफडी की राशि से किराया वसूला जा सके।
लॉकर होल्डर को क्या सावधानी रखनी चाहिए ?
1. लॉकर की  चाबी हमेशा सम्हाल कर रखें। क्योंकि चाबी खो जाने पर एक तो चाबी किसी गलत आदमी के हाथ लग सकती है दूसरे डुप्लीकेट चाबी बनवाने की प्रक्रिया बहुत जटिल है और उसका शुल्क भी काफी ज्यादा होता है।
2. लाकर नियमित रूप से ऑपरेट करते रहें। कम से कम हर महीने एक बार लाकर जरूर खोल कर देख  लेना चाहिए।
3.  जब आप लॉकर खोलने बैंक जाते हैं तो बैंक के रजिस्टर में आपके हस्ताक्षर लिए जाते हैं।आपके हस्ताक्षर किसी को न बताएं। वरना चाबी चोरी होने की दशा में आपके हस्ताक्षर की नकल दूसरा व्यक्ति आपका लॉकर खोल सकता है।
लॉकर में रखा सामान गायब होने पर कौन जिम्मेदार

RBI के नियमों के अनुसार  यदि बैंक के लॉकर में रखा कीमती सामान चोरी हो जाय या बाढ़ अथवा आग लगने से सामान को कोई क्षति होती है तो बैंक को इसके लिए जवाबदार नहीं माना जायेगा। क्योंकि 
  बैंक और लॉकर होल्डर के बीच का रिश्ता मकान मालिक और किरायदार के जैसा होता हे। लॉकर खोलने के लिए दो चाबियों का इस्तेमाल होता है।एक बैंक के पास रहती है दूसरी ग्राहक के पास। किसी एक चाबी से लॉकर खोलना सम्भव नहीं है। दूसरे, आपने लॉकर में क्या सामान रखा है इसकी जानकारी बैंक को नहीं होती।
अतः लॉकर में रखे सामान की एक लिस्ट बना लें और समय- समय पर बैंक जा कर जांच करते रहें

रविवार, 18 जून 2017

SBI के बचत खातों में कम से कम कितना बैलेंस रखना चाहिए ?

भारतीय स्टेट बैंक ने 01-04-2017 से साधरण बचत खातों में मिनिमम बैलेंस रखने के नियमों में भारी परिवर्तन कर दिया है। अभी तक बिना चेक बुक वाले खातों में कम से कम 500/- शेष रखना अनिवार्य था जबकि चेक बुक सुविधा वाले खातों के लिए यह सीमा 1000/- थी। बैंक ने अब अपने नियमों में क्या बदलाव किये हैं,यह जानते हैं।
1.यदि आपका खाता किसी मेट्रो सिटी की SBI शाखा में है तो औसत मासिक शेष यानि "monthly average balance" कम से कम 5000/- रहना चाहिये। इससे कम होने पर निम्नानुसार पेनल्टी का प्रावधान है -
MAB  50% तक कम होने पर -  ₹57.50 /-
MAB 50% से लगा कर 75 % तक कम होने पर  -  ₹86.25/-
MAB 75%से भी कम होने पर - ₹115/-
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2. यदि आपका खाता शहरी क्षेत्र की SBI शाखा में है तो MAB ₹ 3000/- निर्धारित की गयी है।
और इससे 50% तक कम होने पर ₹ 46/-
MAB 50% से लगा कर 75% तक कम होने पर  ₹69/-
MAB 75% कम होने पर - ₹ 92/-
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अर्ध शहरी क्षेत्र की SBI शाखाओं के ग्राहकों को MAB ₹2000/- रखना होंगे।
इससे 50% तक कम होने पर - ₹28.75/-
50% से लगाकर 75% तक कम होने पर-  ₹57.50/-
75% से अधिक कम होने पर ₹ 86.25
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ग्रामीण क्षेत्र की SBI शाखा के ग्राहकों के लिए कम से कम 1000/- दैनिक शेष के मान से खाते में रखना अनिवार्य है। अन्यथा निम्नानुसार पेनल्टी लगेगी -
50% तक कम होने पर - ₹ 23/-
51%से लगाकर 75% तक कम होने पर ₹34.59
75% से ज्यादा कम होने पर - 57.50.
(नोट - उपरोक्त नियमों से  जन धन योजना के खाते और कॉर्पोरेट सेलेरी पैकेज के अंतर्गत खोले गए खातों को छूट दी गयी है।