रविवार, 25 जून 2017

बैंक लॉकर का सामान चोरी होने पर जिम्मेदार कौन ?

यदि बैंक में चोरी हो या आग लगने जैसी दुर्घटना हो जाए तो लॉकर में रखे सामान को नुकसान पहुँचने पर क्या बैंक को जिम्मेदार माना जा सकता है ?
 इसका उत्तर है - नहीं। लॉकर किराये पर लेने वाला व्यक्ति अपने लॉकर में रखे सामान का क्‍लेम नहीं मांग सकता। आइए जानते हैं बैंक लॉकर से जुड़ी कुछ अतिमहत्‍वपूर्ण बातें....
महिलाओं के गहने हों,नगद राशि हो या महत्वपूर्ण दस्तावेज।कीमती सामान की सुरक्षा के लिए लोग लॉकर को सबसे सुरक्षित विकल्प मानते हैं। लॉकर के एवज में बैंक सालाना किराया लेता है इसीलिए आमतौर पर ग्राहक यही सोचते हैं कि लॉकर लेते ही उनकी तमाम चिंताएं दूर हो गई। जबकि हकीकत कुछ और है। लॉकर में रखे सामान की क्षति होने पर बैंक की कोई जिम्‍मेदारी नहीं होती है। बैंक किराया लेकर अपने स्ट्रांग रूम में ग्राहक को स्थान देते हैं। ग्राहक इसमें क्या रख रहा है, इस बात की जानकारी बैंकों को नहीं होती है।

कैसे मिलता है लॉकर ?
अगर आप बैंक में लॉकर लेना चाहते हैं तो बैंक में बचत खाता होना आवश्यक है।इसके पश्चात बैंक और ग्राहक के बीच एग्रीमेंट के लिए ₹500/-के स्टैंप पेपर पर  ग्राहक को हस्ताक्षर करना होते हैं। कई बार बैंक ग्राहक से एफडी की भी मांग करते हैं।ताकि ग्राहक द्वारा वार्षिक किराया न भरने की दशा में एफडी की राशि से किराया वसूला जा सके।
लॉकर होल्डर को क्या सावधानी रखनी चाहिए ?
1. लॉकर की  चाबी हमेशा सम्हाल कर रखें। क्योंकि चाबी खो जाने पर एक तो चाबी किसी गलत आदमी के हाथ लग सकती है दूसरे डुप्लीकेट चाबी बनवाने की प्रक्रिया बहुत जटिल है और उसका शुल्क भी काफी ज्यादा होता है।
2. लाकर नियमित रूप से ऑपरेट करते रहें। कम से कम हर महीने एक बार लाकर जरूर खोल कर देख  लेना चाहिए।
3.  जब आप लॉकर खोलने बैंक जाते हैं तो बैंक के रजिस्टर में आपके हस्ताक्षर लिए जाते हैं।आपके हस्ताक्षर किसी को न बताएं। वरना चाबी चोरी होने की दशा में आपके हस्ताक्षर की नकल दूसरा व्यक्ति आपका लॉकर खोल सकता है।
लॉकर में रखा सामान गायब होने पर कौन जिम्मेदार

RBI के नियमों के अनुसार  यदि बैंक के लॉकर में रखा कीमती सामान चोरी हो जाय या बाढ़ अथवा आग लगने से सामान को कोई क्षति होती है तो बैंक को इसके लिए जवाबदार नहीं माना जायेगा। क्योंकि 
  बैंक और लॉकर होल्डर के बीच का रिश्ता मकान मालिक और किरायदार के जैसा होता हे। लॉकर खोलने के लिए दो चाबियों का इस्तेमाल होता है।एक बैंक के पास रहती है दूसरी ग्राहक के पास। किसी एक चाबी से लॉकर खोलना सम्भव नहीं है। दूसरे, आपने लॉकर में क्या सामान रखा है इसकी जानकारी बैंक को नहीं होती।
अतः लॉकर में रखे सामान की एक लिस्ट बना लें और समय- समय पर बैंक जा कर जांच करते रहें

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