गुरुवार, 31 दिसंबर 2020

PPF, NSC,और सुकन्या योजना की ब्याज दरें

 मिलती रहेगी वर्तमान ब्याज दर:PPF, NSC और पोस्ट ऑफिस स्कीम की ब्याज दरें लगातार तीसरी तिमाही नहीं बदलेग


स्माल सेविंग स्कीम की ब्याज दरों की हर तिमाही समीक्षा होती है।इन स्कीम पर अगली समीक्षा अब मार्च में होगी जो उसके बाद के वित्त वर्ष के लिए होगी।

सुरक्षित निवेश करने वाले निवेशकों के लिए खुशखबरी है। PPF, NSC और पोस्ट ऑफिस की सेविंग स्कीम की ब्याज दरों में लगातार चौथी तिमाही में कोई कटौती नहीं होगी। यानी जनवरी से मार्च के दौरान आपको वही ब्याज दर मिलेगी, जो अभी मिल रही है।


तीसरी बार नहीं हुआ कोई बदलाव


यह लगातार तीसरी तिमाही है जब सरकार ने स्मॉल सेविंग स्कीम्स की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला किया है। गुरुवार को जारी सर्कुलर में वित्त मंत्रालय ने कहा कि PPF पर निवेशकों को 7.19% की दर से ब्याज मिलेगा। जबकि NSC पर 6.8% की दर से ब्याज मिलेगा। इसी तरह सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) पर भी सरकार ने पुरानी ब्याज दर यानी 7.6% को बरकरार रखा है। इसके अलावा पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट और सीनियर सिटिजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) पर भी पुरानी ब्याज दरें मिलती रहेंगी। स्मॉल सेविंग स्कीम में सबसे ज्यादा ब्याज दर फिलहाल सुकन्या योजना पर ही मिल रहा है।

मनी भास्कर से साभार 

शुक्रवार, 11 दिसंबर 2020

सरकारी योजनाओं में जमा राशि पर कितना ब्याज मिलता है ?

 भारत सरकार की तरफ से छोटी बचत योजनाएं चलाई जाती हैं। सरकार इन स्मॉल सेविंग्स स्कीम के इंटरेस्ट रेट में बदलाव भी करती रहती है। इन स्मॉल सेविंग्स स्कीम में निवेश करने पर 4 फीसदी से लेकर 7.6 फीसदी तक का ब्याज मिलता है। आज हम यहां सरकार की उन 9 स्मॉल सेविंग्स स्कीम के बारे में बता रहे हैं जिनमें निवेश से आप गारंटीड रिटर्न हासिल कर सकते हैं। इन 9 स्कीम्स में किसान विकास पत्र (KVP), सीनियर सिटीजन बचत योजना  (SCSS), पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), सुकन्या समृद्धि योजना, नेशलन सेविंग सर्टिफिकेट (NSC) और 5 साल के लिए पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट शामिल हैं। अगर आप भी इन स्कीम्स में निवेश का प्लान बना रहे हैं तो पहले जान लीजिए इन पर कितना ब्याज मिल रहा है।

पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट (Post Office Savings Account)

इस स्कीम में आप पोस्ट ऑफिस में एक सेविंग्स अकाउंट खोल सकते हैं। यह खाता किसी बैंक खाते जैसा ही है। इंडिया पोस्ट इन खातों से ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करने की भी सुविधा देता है। फिलहाल इस स्कीम में निवेश करने पर सालाना 4 फीसदी ब्याज मिलता है।

पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट अकाउंट (Post Office Time Deposit Account)

इस स्कीम में आप 1, 2, 3 और 5 साल तक के लिए निवेश कर सकते हैं। इसमें 1 से 3 साल तक के निवेश पर 5.5 फीसदी और पांच साल के लिए निवेश करने पर 6.7 फीसदी ब्याज मिलेगा।

5 साल के लिए पोस्ट ऑफिस RD

स्मॉल सेविंग्स योजनाओं में यह आकर्षक ब्याज दर ऑफर करता है। यह रेकरिंग डिपॉजिट स्कीम है। यानी इसमें हर महीने निवेश करना होगा। पोस्ट ऑफिस की इस स्कीम पर 5.8 फीसदी ब्याज मिल रहा है।

सीनियर सिटिजन सेविंग्स स्कीम (SCSS)

जिन लोगों की उम्र 60 साल से ज्यादा है वह अपने लाइफ टाइम में 15 लाख रुपए तक निवेश करके रेगुलर इनकम हासिल कर सकते हैं। सीनियर सिटिजन पति-पत्नी मिलकर 30 लाख रुपए तक इस स्कीम में निवेश  कर सकते हैं। इसमें 5 साल का लॉकइन है यानी 5 साल तक इसमें से पैसा नहीं निकाल सकते हैं। इस पर फिलहाल 7.4 फीसदी इंटरेस्ट रेट मिल रहा है।

पोस्ट ऑफिस मंथली स्कीम

अगर आप किसी ऐसे स्कीम में निवेश करना चाहते हैं जिसमें मंथली पैसे मिलने का विकल्प हो तो आप इसमें निवेश कर सकते हैं। इसमें एक शख्स मैक्सिमम 4.5 लाख रुपए और पति-पत्नी मिलकर ज्वाइंट तौर पर 9 लाख रुपए निवेश कर सकते हैं। इस स्कीम में 6.6 फीसदी का ब्याज मिलता है जो मंथली आपके खातों में आता रहेगा।

नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC)

पोस्ट ऑफिस के पांच साल के नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) पर मौजूदा तिमाही में 6.8 फीसदी रिटर्न मिलता है। इसमें किए गए निवेश पर इनकम टैक्स के सेक्शन 80C के तहत टैक्स छूट भी मिलता है। इसमें किया गए निवेश पर 5 साल का लॉकइन पीरियड रहता है यानी 5 साल से पहले आप इससे पैसा नहीं निकाल सकते हैं। हालांकि इमरजेंसी में NSC को गिरवी रखकर बैंक से लोन लिया जा सकता है।  

पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF)

PPF सबसे लोकप्रिय टैक्स सेविंग्स स्कीम है। इसमें किया गया निवेश 15 साल में मेच्योर होता है। PPF के निवेश में 5 साल का लॉकइन पीरियड होता है। इसमें मिनिमम 500 रुपए तक का निवेश किया जा सकता है। अभी इसमें 7.1 फीसदी का रिटर्न मिल रहा है।

किसान विकास पत्र (KVP)

किसान विकास पत्र में मिनिमम 1000 रुपए से खाता खुलवाया जा सकता है। इसमें फिलहाल 6.9 फीसदी सालाना रिटर्न मिल रहा है। किसान विकास पत्र में यह वादा किया जाता है कि यह आप निवेश 10 साल 4 महीनों यानी 124 महीनों में डबल कर देगा।

सुकन्या समृद्धि योजना

यह स्कीम सिर्फ बेटियों के लिए है और काफी लोकप्रिय है। फिलहाल इस पर 7.6 फीसदी ब्याज मिल रहा है। इस स्कीम में कोई शख्स अपनी दो बेटियों के लिए अकाउंट खुलवा सकता है। 21 साल की उम्र बेटियां इस खाते से पैसा निकाल सकती हैं। इस स्कीम में 9 साल 4 महीने में रकम डबल हो जाएगी।


शनिवार, 10 अक्टूबर 2020

अब RTGS किसी भी वक्त करिए

 


शुक्रवार 9 अक्टूबर को RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने मौद्रिक नीति की घोषणा की। 

RTGS यानि रियल टाईम ग्रॉस सेटलमेंट के जरिये राशि अंतरण को लेकर श्री शक्तिकांत दास ने एक बहुत महत्वपूर्ण एलान किया है।

उन्होंने कहा कि दिसम्बर 2020 से आरटीजीएस के माध्यम से फण्ड ट्रांसफर की सुविधा 365 दिन और 24 घण्टे उपलब्ध रहेगी।

इस सुविधा से अब छोटे- बड़े घरेलू कारोबारीयों व सरकारी-गैर सरकारी संस्थाओं के लिए RTGS ट्रांसेक्शन अधिक तेज और आसान हो जाएगा। वर्तमान में RTGS लेनदेन बैंकिंग कामकाज के दिनों में सवेरे 7 बजे से शाम 6 बजे तक ही उपलब्ध रहती है।

साल के प्रत्येक दिन हर समय RTGS सुविधा शरू होने से भारत अब विश्व के कुछ देशों में शरीक हो जायेगा जहां पहले से ऐसी सुविधा दी उपलब्ध है।



गुरुवार, 3 सितंबर 2020

आयकर रिटर्न 2019-20 भरने का तरीका

  


Income Tax Return 30 नवंबर तक कर सकते हैं दाखिल, इन डॉक्यूमेंट्स की पड़ेगी जरूरत, जानें इसका तरीका

सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्स (Central Board of Direct Taxes- CBDT) ने वित्त वर्ष 2019-20 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (Income Tax Return- ITR) दाखिल करने की समय सीमा बढ़ा दी है। अब टैक्सपेयर (Taxpayers) अपना ITR 30 नवंबर, 2020 तक दाखिल कर सकते हैं। अगर आपने अभी तक ITR फाइल नहीं किया है, तो इसे जल्द भर लें। इसके लिए आपको कई डॉक्यूमेंट्स की जरूरत होगी और रिटर्न फाइल करते समय कुछ बातों का खास ध्यान रखना होगा। फॉर्म में गलतियां करना महंगा पड़ सकता है, इसलिए सावधानी से ITR दाखिल करें। इनकम टैक्स विभाग की ई-फाइलिंग से आसानी से ऑनलाइन ITR  फाइल कर सकते हैं। तो आइए देखते हैं,कैसे भरें आयकर रिटर्न How to file income tax return 

इन डॉक्यूमेंट्स की होगी जरूरत

फॉर्म 16 (Form 16): 

जॉब करने वाले लोगों को उनकी नियोक्ता कंपनी फॉर्म 16  देती है। इसमें फाइनेंशियल ईयर में काटा गया टैक्स और आय का लेखाजोखा मेंशन रहता है। इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करते समय नौकरीपेशा के लिए फॉर्म 16 सबसे जरूरी है। इसके बिना ITR फाइल करना बेहद मुश्किल हो जात है। FORM-16 के पार्ट-A में एंप्लॉयर की ओर से काटे गए टैक्स का विवरण होता है। इसमें आपका नाम, पता और PAN और एंप्लॉयर का TAN नंबर होता है। आपके PAN पर सरकार के पास कितना टैक्स जमा हुआ है, उसका तिमाही ब्योरा होता है। साथ ही यह भी दर्ज होता है कि आपकी सैलरी से कितना टैक्स काटा गया हैय़। वहीं पार्ट-B में आपकी आय का ब्योरा होता है। ITR में जिस फॉरमैट में ब्योरा भरना होता है, पार्ट-B में उसी फॉरमैट में आय का ब्योरा मिल जाता है। इससे ITR फाइल करने में आसानी होती है। 

फॉर्म 26AS:

 इस फॉर्म में Income से काटे गए टैक्स की डिटेल होती है। साथ ही नद्वारा भुगतान किए गए सभी टैक्स और रिफंड की भी जानकारी होती है। इस फॉर्म के जरिये भुगतान किए गए टैक्स की डिटेल्स, एडवांस टैक्स या सेल्फ असेस्मेंट टैक्स भी उपलब्ध कराया जाता है। इससे टैक्सपेयर को आपको यह वेरिफाई करने में मदद मिलती है कि नियोक्ता कंपनी, बैंक या टैक्स भुगतान करने वाले ने सरकार के पास टैक्स डिपॉजिट किया है या नहीं। 


टैक्स बचाने वाले इंवेस्टमेंट

- पीएफ फंड (EPFO) में योगदान
- बच्चों के स्कूल फीस या एजुकेशन लोन
- लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम का राशि
- स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन चार्ज
- होम लोन के एवज में किया गया भुगतान
- इक्विटी आधारित सेविंग्स स्कीम और म्यूचुअल फंड में निवेश
- इनकम टैक्स से सेक्शन 80C के तहत अधिकतम 1.5 लाख रुपये का टैक्स डिडक्शन क्लेम किया जा सकता है। 

इन पर भी मिलती है छूट

- बैंक में जमा पैसे पर मिलने वाले Interest पर सेक्शन 88TTA के तहत सालान 10 हजार रुपये का टैक्स बेनिफिट मिलता है।
- मेडिकल इंश्योरेंस के प्रीमियम पर सालाना 25,000 रुपये तक का टैक्स बेनिफिट मिलता है। सीनियर सिटीजन के मामले में यह 50,000 रुपये सालाना है।
- अगर अपने पेरेंट्स की मेडिकल इंश्योरेंस का प्रामियम आप ही भरते हैं तो इस पर अतिरिक्त छूट मिलती है। अगर पेरेंट्स की आयु 60 साल से कम है तो सालाना 25,000 रुपये तक का टैक्स बेनिफिट मिलेगा। अगर उनकी उम्र 60 साल से अधिक है तो सालाना 50,000 रुपये की छूट मिलेगी।

ऑनलाइन ITR दाखिल करने का तरीका

- सबसे पहले विभाग के पोर्टल incometaxindiaefiling.gov.in पर जाएं।
- इसके बाद e-File टैब पर क्लिक करें और इनकम टैक्स रिटर्न लिंक पर क्लिक करें।
- प्रिपेयर एंड सबमिट ऑनलाइन के विकल्प को चुनें और कंटीन्यू (continue) बटन पर क्लिक करें। 
- इसके बाद ITR फॉर्म में सभी जानकारियां भरें और सेशन टाइम आउट से बचने के लिए सेव ड्राफ्ट बटन पर क्लिक करते रहें।
- इसके बाद Tax Paid and Verification टैब में वेरिफिकेशन ऑप्शन को चुनें और प्रिव्यु एंड सबमिट बटन पर क्लिक करें।

अपने बैंक अकाउंट का इस्तेमाल करें

- इसके लिए ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉगइन करें और बैंक अकाउंट नंबर pre-validate करें।
- इसके बाद e-verify लिंक पर जाएं और acknowledgment नबंर दर्ज करें।
- बैंक अकाउंट नंबर से e-verify के ऑप्शन को चुनें और EVC तैयार करें। आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर EVC भेजा जाएगा।
- रिटर्न को verify करने के लिए पोर्टल पर इस कोड को दर्ज करें।


( www. moneycontrol.com से साभार )




बुधवार, 27 मई 2020

SBI ने FD पर ब्याज दरें फिर घटाई

SBI ने फिक्स्ड डिपाजिट पर ब्याज दरें फिर से घटा दी हैं। नई ब्याज दरें आज से लागू हो गई हैं। नई ब्याज दरें इस प्रकार हैं :
FD पर दी जाने वाली नई ब्याज दरें जो आज यानि 27 मई 2020 से लागू हैं -
7 days to 45 days - 2.9%
46 days to 179 days - 3.9%
180 days to 210 days - 4.4%
211 days to less than 1 year - 4.4%
1 year to less than 2 years - 5.1%
2 years to less than 3 years - 5.1%
3 years to less than 5 years - 5.3%
5 years and up to 10 years - 5.4%

SBI द्वारा वरिष्ठ नागरिकों को FD पर दी जाने वाली ब्याज दरें (27-5-2020 से लागू)

7 days to 45 days - 3.4%
46 days to 179 days - 4.4%
180 days to 210 days - 4.9%
211 days to less than 1 year - 4.9%
1 year to less than 2 years - 5.6%
2 years to less than 3 years -5.6%
3 years to less than 5 years - 5.8%
5 years and up to 10 years - 6.2%

सोमवार, 25 मई 2020

RBI के सेविंग्स बांड 2018 में अभी निवेश करें


(यह योजना 28 मई 2020 को भारत सरकार द्वारा बन्द कर दी गई है।)

यदि आप सुरक्षित निवेश के साथ बेहतर रिटर्न की तलाश में हैं तो RBI का सेविंग्स बॉन्ड एक अच्छा विकल्प हो सकता है। RBI के इन सेविंग्स बॉन्ड की अवधि 7 साल की है।

बाजार में कंपनियों के बढ़ते कर्ज, कंपनियों की तरफ से निवेश पर मिलने वाले ब्याज और मूल धन के भुगतान में देरी के साथ ही निवेशकों को झटके लगने से लोगों को भरोसा डगमगाना आम है। ऐसे में यदि आप सुरक्षित निवेश के साथ बेहतर रिटर्न की उम्मीद में है तो आरबीआई का सेविंग्स बॉन्ड आपके लिए एक विकल्प हो सकता है।

भारत सरकार की तरफ से आरबीआई द्वारा जारी इन बॉन्ड पर 7.75% का रिटर्न मिलता है। हालांकि, साल 2018 में जारी ये बॉन्ड टैक्सेबल हैं। 

इस बॉन्ड की अवधि सात साल है। आप इसमें संचयी (cumulative) और गैर संचयी (non-cumulative) रूप से निवेश का विकल्प मिलता है। अन्य फिक्स इनकम वाले विकल्पों की तुलना में ये बॉन्ड काफी आकर्षक हैं।

निवेश के आधार पर लोन नहीं ले सकते हैंः

 इसकी एक सीमा भी है कि आप इस निवेश के आधार पर बैंक, वित्तीय संस्थानों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों से लोन नहीं ले सकते हैं। यदि आप निर्धारित अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं तो नॉन-क्मयूलेटिव विकल्प में आपको हाफ ईयरली भुगतान के विकल्प से साथ आकर्षक दर से ब्याज भी मिलता है।

कम्यूलेटिव बॉन्ड पर आपको बॉन्ड के मैच्योरिटी पर मूलधन के साथ ही ब्याज की राशि मिलती है। जबकि नॉन कम्यूलेटिव बॉन्ड पर आपको ब्याज हर छह महीने बाद मिल जाता है। इस बॉन्ड में किए गए निवेश पर इनकम टैक्स के सेक्शन 80सी के तहत टैक्स में छूट का दावा नहीं कर सकते हैं।


ब्याज से होने वाली आय पर देना होगा टैक्सः

 इससे होने वाली आय पर भी आपको टैक्स देना होगा। यदि आपका ब्याज सालाना 40 हजार से अधिक है तो आपको 10 फीसदी टीडीएस का भी भुगतान करना होगा। यदि आप कम से कम 7 साल तक अपने पैसे को एक जगह सुरक्षित रखना चाहते हैं तो आप इसमें निवेश कर

निवेश की अधिकतम सीमा नहींः

 इसमें आप न्यूनतम 1000 रुपये के साथ निवेश शुरू कर सकते हैं। इसमें निवेश की अधिकतम सीमा पर कोई रोक नहीं है। इस बॉन्ड में अनिवासी भारतीय (एनआरआई) निवेश नहीं कर सकते हैं। ये बॉन्ड डिमैट फॉर्म में जारी किए जाएंगे। इसके साथ ही यह निवेशक को बॉन्ड लेजर अकाउंट में क्रेडिट किए जाएंगे।

सीनियर सिटिजन को लॉकइन पीरियड में छूटः 

हालांकि, सीनियर सिटीजन होने की स्थिति में लॉक इन पीरियड में छूट भी दी गई है। इसमें 60-70 साल, 70-80 साल और 80 साल से ऊपर के लोगों के लिए लॉक-इन पीरियड क्रमशः 6,5, और 4 साल है। यदि आप निर्धारित अवधि से पहले पैसा निकालते हैं तो आपको ब्याज की 50 फीसदी रकम पेनल्टी के रूप में देनी होगी। आप इन बॉन्ड को सरकारी बैंकों के साथ ही प्राइवेट क्षेत्रों के एचडीएफसी, आईसीआईसईआई, एक्सिस बैंक से भी खरीद सकते हैं।

सोमवार, 11 मई 2020

स्टेट बैंक की "वी केयर डिपॉजिट योजना"

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया  की ओर से सीनियर सिटीजन (Senior Citizen ) के लिए खास फिक्स्ड डिपोजिट स्कीम  की घोषणा की गई है। जिसमें 5 साल से अधिक और 10 साल से कम की जमा राशि पर आम जनता की तुलना में अतिरिक्त ब्याज दिया जाएगा।

  भारतीय स्टेट बैंक ने एसबीआई वीकेयर डिपोजिट स्कीम ( SBI Wecare Deposit Scheme ) की घोषणा की है। जिसमें  सिनीयर सिटीजन को अतिरिक्त ब्याज देने की बात कही गई है। आइए आपको भी  बैंक की इस स्कीम के बारे में जानकारी देते हैं।
 ज्यादा ब्याज प्राप्त करने के लिए दो शर्तें हैं :--

1.सीनियर सिटीजन को अगर ज्यादा ब्याज चाहिए तो उसे नई स्कीम में कम से कम 5 साल के लिए निवेश करना होगा।

-2.नई स्कीम के तहत ज्यादा ब्याज का लाभ लेने को 30 सितंबर 2020 से पहले ही निवेश करना होगा।

3. एसबीआई की नई एफडी स्कीम के तहत सीनियर सिटीजन को अतिरिक्त 0.30 फीसदी का ब्याज दिया जाएगा।

4. वरिष्ठ नागरिक एसबीआई में 5 साल के लिए एफडी कराते हैं तो SBI Wecare Deposit के तहत 0.50 प्रतिशत की जगह उन्हें 0.80 प्रतिशत ब्याज मिलेगा ।

5. प्री-मैच्योर विड्रॉल करने पर सीनियर सिटीजन का लाभ नहीं दिया जाएगा।

 आम जनता की एफडी के बारे में बात करें तो स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने 3 साल की एफडी की ब्याज दर 0.20 प्रतिशत कटौती करने का ऐलान किया। बैंक की नई दरें 12 मई से लागू की जाएगी। वर्तमान समय में 7 दिन से 45 दिन की एफडी पर 3.5 प्रतिशत की दर से ब्याज मिल रहा है। 46 दिन से 179 दिन की एफडी पर 4.5 प्रतिशत और 180 दिन से एक साल से कम समय की एफडी पर 5 प्रतिशत है। वहीं 1 साल से 10 साल के बीच परिपक्व होने वाली एफडी पर बैंक 5.7 प्रतिशत की दर से ब्याज दे रहा है।

मंगलवार, 31 मार्च 2020

केंद्र ने छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दर घटाई

पिछले काफी समय से यह अंदेशा बना हुआ था कि केंद्र सरकार छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज कम कर सकती है
 है।
और आखिरकार कोरोना संकट के कारण सरकार को आज यह एलान करना ही पड़ा। वैसे रिजर्व बैंक ने पिछले हप्ते ही रेपो रेट में .75 प्रतिशत की जबरदस्त कमी की थी। रिसर्व बैंक ने 5.15प्रतिशत से घटा कर रेपो रेट 4.40 प्रतिशत कर दी थी। और इस वजह से भी केंद्र सरकार ने पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC) व सुकन्या समृद्धि योजना जैसी स्मॉल सेविंग स्कीम पर ब्याज दर घटा दी। सरकार ने स्मॉल सेविंग स्कीम की ब्याज दर में 0.70 प्रतिशत से 1.40 प्रतिशत तक की कटौती कर दी है। यह घटी हुई ब्याज दर अप्रैल-जून 2020 की तिमाही में लागू होगी। यानि 1 अप्रेल 2020 से 30 जून 2020 तक उक्त ब्याज दरें लागू रहेंगी।

PPF के अलावा किसान विकास पत्र और सुकन्या समृद्धि योजना में अब ब्याज दर कम मिलेगी। PPF पर ब्याज दर में 0.80 प्रतिशत की भारी कमी की गई है, इसके अलावा सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश पर ब्याज दर 8.4 प्रतिशत से घटाकर 7.6 प्रतिशत कर दी गई है। इस योजना में बड़ी 0.8 प्रतिशत की कमी गई है। अप्रैल-जून तिमाही के दौरान PPF पर 7.1 प्रतिशत का ब्याज मिलेगा।
वहीं, किसान विकास पत्र पर 0.70 प्रतिशत ब्याज दर घटाकर 6.9 प्रतिशत कर दिया गया है। नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट पर ब्याज दर में 1.10 प्रतिशत की बड़ी कटौती की गई है, अब इस स्कीम में निवेश पर निवेशकों को 6.8 प्रतिशत की दर से ब्याज मिलेगा।

सोमवार, 23 मार्च 2020

सुकन्या समृद्धि योजना के कुछ नियम बदले

 फाइनेंस मिनिस्ट्री (finance ministry) ने सुकन्या समृद्धि योजना (Sukanya Samriddhi Yojana-SSY) में बदलाव करने के लिए कुछ समय पहले एक नोटिफिकेशन जारी किया था। भले ही इस स्कीम में कोई बड़े बदलाव नहीं किए गए हैं, लेकिन थोड़े बहुत संशोधन (modifications) जरूर किए गए हैं। सरकार ने SSY के कुछ नियमों में स्पष्टीकरण भी दिया है।
आइये जानते हैं किस तरह के हुए बदलाव :

उच्च ब्याज दर (Higher interest rate)

SSY स्कीम में अगर अकाउंट होल्डर्स किसी फाइनेंशियल ईयर में न्यूनतम राशि 250 रुपये भी जमा नहीं करते हैं तो डिफॉल्ट अकाउंट के तौर पर माना जाता है। अब ऐसे डिफॉल्ट अकाउंट में जमा रकम पर वही इंट्रेस्ट रेट मिलेगा, जो स्कीम के लिए तय किया गया होगा। पहले इस तरह के अकाउंट पर इंट्रेस्ट रेट पोस्ट ऑफिस बचत खाते पर मिलने वाले ब्याज दर के बराबर मिलता था। मौजूदा समय में सुकन्या समृद्धि योजना खाते पर 8.7 फीसदी और पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट पर 4 फीसदी ब्याज दर मिलती है। 

प्रीमेच्योर अकाउंट क्लोज करने के नियमों में बदलाव (Premature closure of account)
नए नियमों के मुताबिक, बालिका की मृत्यु या अनुकंपा (compassionate) के आधार पर SSY अकाउंट को मेच्योरिटी पीरियड से पहले बंद करने की अनुमति दी जाएगी। उदाहरण के लिए  अनुकंपा के आधार पर ऐसे मामले शामिल हैं जब अकाउंट हल्डर को किसी गंभीर बीमारी का मेडिकल ट्रीटमेंट कराना हो या अभिभावक की मौत हो गई हो। इससे पहले, सुकन्या समृद्धि अकाउंट को परिपक्वता अवधि से पहले तभी बंद किया जा सकता था, जब खाताधारक की मौत हो गई हो या बच्ची का निवास स्थान बदल गया हो।

अकाउंट का संचालन (Operation of account) 
नए नियमों के तहत जिस बच्ची के नाम से अकाउंट है, वो जब तक 18 साल की नहीं हो जाती, तब तक अपने अकाउंट का संचालन अपने हाथ में नहीं ले सकती है। पहले ये नियम 10 साल की उम्र में था। जब बच्ची 18 साल की हो जाएगी तो उसे संबंधित डॉक्यूमेंट पोस्ट ऑफिस या बैंक में जमा करके अपने अकाउंट का संचालन कर सकती है।

अकाउंट ओपन कराना (Account Opening)
अब दो से अधिक बच्चियों का सुकन्या समृद्धि अकाउंट खुलवाने के लिए अतिरिक्त डॉक्यूमेंट्स जमा कराने की जरूरत पड़ेगी। नए नियम के तहत अगर दो से अधिक बच्ची का अकाउंट ओपन कराना हो तो बर्थ सर्टिफिकेट के साथ-साथ एक एफिडेविट (affidavit) भी देना होगा। इससे पहले, अभिभावक को बच्ची का केवल मेडिकल सर्टिफिकेट देने की जरूरत होती थी।

( m.moneycontrol.com से साभार )

बुधवार, 11 मार्च 2020

SBI में मिनिमम बैलेन्स रखने की अनिवार्यता समाप्त

SBI के चैयरमेन रजनीश कुमार ने आज 11 फरवरी को SBI के ग्राहकों को एक बड़ी राहत दी है।
- अब बैंक के ग्राहक अपने सेविंग खाते में बिना कुछ राशि जमा रखे  खाता चालू रख सकते हैं। इससे पहले सेविंग खाते को चालू रखने के लिए मिनिमम बैलेन्स रखना पड़ता था। मिनिमम बैलेन्स  मेट्रो सिटी के लिए 3000,शहरी क्षेत्र के ग्राहकों के लिए 2000 व ग्रामीण क्षेत्र के ग्राहकों के लिए 1000 सेविंग खाते में रखना जरूरी था। इससे कम राशि होने पर ग्राहक को अनुपातिक पैनल्टी भुगतना पड़ती थी।

- इसके अतिरिक्त अब सेविंग खाते में लगने वाला sms charge भी समाप्त कर दिया गया है। सेविंग खाते में राशि जमा होने और निकासी होने पर बैंक ग्राहक के रजिस्टर्ड मोबाइल नं पर sms भेजता है। इसके लिए पूर्व में sms charge प्रत्येक सेविंग खाते में 15 रुपये त्रैमासिक वसूला जाता था।
- इन बदलाव के चलते बैंक ने सेविंग खाते पर दिए जाने वाले ब्याज में कमी कर दी है। जहां पहले सेविंग खाते पर 4% वार्षिक ब्याज दिया जाता था वहां अब सेविंग खातों पर 3% ब्याज दिया जाएगा।

शनिवार, 1 फ़रवरी 2020

टैक्स पेयर्स के लिए 80C और 80D सेक्शन में छूट का लाभ न लेने का विकल्प

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने इस साल बजट में टैक्सपेयर्स को राहत देते हुए इनकम टैक्स रेट में बदलाव तो किया है लेकिन इसमें एक पेंच भी है। फाइनेंस मिनिस्टर ने बजट भाषण में कहा है कि जो टैक्सपेयर्स डिडक्शन और छूट का फायदा नहीं लेंगे उन्हें ही इनकम टैक्स के नए रेट का फायदा मिलेगा।

क्या है नया रेट?

नए रेट के मुताबिक, 5 लाख रुपए तक की टैक्सेबल आमदनी पर कोई टैक्स नहीं देना होगा।
अगर आपकी आमदनी 5 लाख रुपए से लेकर 7.5 लाख रुपए तक है तो आपको अब सिर्फ 10 फीसदी के हिसाब से टैक्स देना होगा। पहले इस पर 20 फीसदी टैक्स देना पड़ता था।
अगर आपकी सालाना टैक्सेबल आमदनी 7.5 लाख रुपए से लेकर 10 लाख रुपए तक है तो उस पर नए रेट के मुताबिक, अब 15 फीसदी टैक्स देना होगा। पहले यह 20 फीसदी के दायरे में आता था। 
अब जिनकी सालाना टैक्सेबल आमदनी 10 लाख से 12.50 लाख रुपए है उन्हें नए रेट के हिसाब से 20 फीसदी टैक्स देना पड़ेगा। पहले उन्हें 30 फीसदी टैक्स देना पड़ता था।
नए टैक्स रेट के मुताबिक, जिनकी सालाना टैक्सेबल आमदनी 12.5 लाख रुपए से 15 लाख रुपए के बीच है उन्हें अब 25 फीसदी टैक्स देना होगा। पहले उन्हें 30 फीसदी टैक्स देना पड़ता था।
अगर आपकी सालाना टैक्सेबल आमदनी 15 लाख रुपए से ज्यादा है तो आपको 30 फीसदी टैक्स देना होगा।
स्लैब                                    नया टैक्स            पुराना टैक्स
5 लाख रुपए तक                    टैक्स छूट             87A रिबेटके                                                                  साथ टैक्स नहीं

5 लाख रुपए से 7.5 लाख रुपए    10%                 20%
7.5 लाख रुपए से 10 लाख रुपए   15%               20%
10 लाख रुपए से 12.5 लाख रुपए  20%              30%
12.5 लाख रुपए से 15 लाख रुपए  25%              30%

15 लाख रुपए से ज्यादा टैक्सेबल इनकम पर 30% टैक्स लगेगा ।
m.moneycomtrol.com से साभार

बुधवार, 15 जनवरी 2020

SBI ने 10 जनवरी 2020 से सावधि जमा ब्याज दर घटाई

गिरती जीडीपी को देखते हुए देश में सरकारी संस्थान अपने अपने हिसाब से आगे की रणनीति बना रहे हैं। लगभग सभी सरकारी बैंकों के पास काफी ज्यादा मात्रा में जमा राशियां अनुपयोगी पड़ी हैं।
भारतीय स्टेट बैंक भी इनमें से अलग नहीं है। इसी कारण से  बैंक ने लगातार जमा राशियों पर ब्याज दर घटाई है। अब फिर से इसने अपनी सावधि जमा ब्याजदर .015 % घटाई है। नई दरें 10 जनवरी 2020 से लागू हो गई हैं।
2 करोड़ से कम की घरेलू सावधि जमा राशि पर आम नागरिक हेतु 7 दिन से 45 दिन की अवधि हेतु 4.5 % , 46 दिन से 179 दिन तक कि अवधि के लिए 5.5 % व 180 दिन से लेकर एक वर्ष से कम की अवधि के लिए 5.8 % ब्याज दर तय की गई है।
1 वर्ष से 10 वर्ष की अवधि हेतु बैंक ने 6.25 % के स्थान पर अब 6.10 % ब्याज दर निर्धारित की है।