रविवार, 11 फ़रवरी 2018

एक वर्ष के बाद शेयर बेचने पर लगेगा लांग टर्म केपिटल गेन टैक्स

दिनांक 01 फरवरी 2018 को संसद में प्रस्तुत वित्त वर्ष 2018-19 के लिए आम बजट के अनुसार लिस्टेड कंपनियों के शेयर की बिक्री से होने वाली आय यदि एक लाख रूपये से ऊपर जाती है तो उस पर महंगाई सूचकांक लाभ के बगैर 10% टैक्स देना होगा। यह नई व्यवस्था 1 अप्रेल 2018 से लागू होगी।
इसके अलावा इक्विटी म्यूचुअल फण्ड में निवेश से होने वाली आय पर भी 10 % टैक्स लगेगा। फिलहाल 1 साल के बाद शेयर्स बेचने से होने वाले लाभ पर लांग टर्म केपिटल गेन टैक्स (एलटीसीजी) नहीं लगता है।

वैसे 31 जनवरी 2018 तक के शेयर्स में निवेश से हुई लम्बी अवधि की सभी आय करमुक्त ही रहेगी। उदाहरण के लिए यदि 31 जनवरी से 3 माह पहले 100 रुपए के भाव पर किसी कम्पनी के शेयर खरीदे और 31 जनवरी को शेयर की अधिकतम कीमत 125 रुपये हो गई। अब यदि शेयर खरीदने के एक साल बाद ये शेयर बेचे जाते हैं तो ऐसी स्थिति में 31 जनवरी तक जो 25 रुपये का लाभ हुआ था,वह टैक्स फ्री लाभ माना जायेगा। लेकिन 31 जनवरी के बाद यदि 25 रुपये से अधिक आय होती है और यह आंकड़ा 1 लाख रुपये से अधिक जो जाता है और उसकी बिक्री 31 ऑक्टोबर के बाद की जाती है तो उस पर 10 % टैक्स लगेगा।

ग्रैंडफादरिंग क्लॉज -  आयकर विभाग ने 1 फरवरी 2018 से पहले हुए आपकर लाभ को लॉक या सुरक्षित रखने के लिए यह नियम बनाया है। जैसा ऊपर बताया गया है कि यदि आपने 1 फरवरी 2018 से पूर्व शेयर्स या म्यूच्यूअल फंड खरीदे हैं तो आयकर अधिनियम में आपको ग्रैंडफादरिंग क्लॉज का फायदा मिलेगा। जिसके मुताबिक 31 जनवरी 2018 से बेचे गए शेयर्स और म्यूच्यूअल फंड्स के दिन तक का प्रॉफिट ही कर योग्य होगा।

याद रखें कि एक साल से कम अवधि की इक्विटी होल्डिंग से आय पर पूर्ववत् 15 % टैक्स लगता रहेगा।



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