इमेज : लिवमिंट
आरबीआई ने आम जन से बैंकिंग प्रक्रिया को ग्राहकोन्मुखी बनाने के लिए 10 नवंबर'25 तक सुझाव मांगे हैं जिन्हें अप्रैल 2026 से लागू किया जाना है।
आरबीआई द्वारा प्रस्तावित प्रमुख सुझाव -
1. लॉकर लूटने और चोरी होने की दशा में ग्राहक को लॉकर किराए का 100 गुना हरजाना देना।
2. बैंक के ग्राहकों का नाम, पता, पहचान संख्या, फोटो, हस्ताक्षर आदि व्यक्तिगत जानकार केवाईसी में निहित होती है। कई सरकारी बैंक लागत में कमी (COST CUTTING) करने के लिए यह काम बाहरी एजेंसियों को देते आ रहे हैं। अब बैंकें ऐसा नहीं कर सकेंगी।
3. सिबिल स्कोर हर माह की 15तारीख को अपडेट किया जाएगा।
4. ऋण के समय पूर्व भुगतान करने पर नो पेनल्टी।
5. ऋण चुकता होने पर एक माह में दस्तावेज लौटाना होंगे अन्यथा 5000/ प्रतिदिन की पेनल्टी।
6. क्लेम सेटलमेंट की अवधि 15 दिन करना।
7. 70वर्ष के वरिष्ठ नागरिकों हेतु घर बैठे बैंकिंग सुविधा।
8. ऋण खाते में नाम किए गए समस्त मासिक चार्ज ब्याज, पेनल्टी आदि का विवरण ग्राहक को उपलब्ध करवाना।
9. जब्त संपत्तियों का ब्यौरा वेबसाइट पर देना।
10. गोल्ड लोन डिफाल्टर का सोना नीलाम करते समय ऋणी का उपस्थित होना अनिवार्य
11. साइबर फ्रॉड होने की सूचना मिलने के तीन दिन के अंदर निराकरण करना वरना 25000/ जुर्माना।
12. ऋण पर ब्याज दरें सभी बैंकों में समान रखना।
13. आवेदन मिलने पर बैंकों की अनक्लेम्ड राशि तुरंत ग्राहक के खाते में अंतरित करना। बाद में बैंक राशि का समायोजन आरबीआई से करेगी।
14. ऋण राशि का डाउनपेमेंट 80% करना। अभी यह 90% है।
15. सरकारी बैंकों के साथ ही निजी बैंकों के कर्मचारियों का संपत्ति विवरण दर्ज करना अनिवार्य
16. केवाईसी नवीकरण की अवधि छः माह से बढ़ाना ताकि ग्राहकों को बारबार बैंक में न जाना पड़े।
17. 3साल से कम समय के लिए गए लोन में ब्याज दरों पर मिलने वाली रियायत खत्म करना।
18. लॉटरी, चिटफंड वाले खातों पर रोक।
19. डिजिटल लोन हेतु कम से कम एक दिन का कूलिंग ऑफ जरूरी।
20. बैंक कर्मचारियों के लिए वर्ष में 10दिन अवकाश लेना अनिवार्य। इससे कर्मचारियों के स्वास्थ्य, घरेलू जीवन पर सकारात्मक प्रभाव के साथ फ्रॉड पर भी रोक संभव।
प्रत्येक भारतीय नागरिक इन सुझावों पर 10नवंबर'25 तक आरबीआई की वेबसाइट पर कमेंट्स दे सकता है।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें